हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में सीजन की पहली बर्फबारी, काजा और किन्नौर में गिरा तापमान

Kavita2
27 Sept 2026 3:20 PM IST
हिमाचल में सीजन की पहली बर्फबारी, काजा और किन्नौर में गिरा तापमान
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। लाहुल-स्पीति के काजा में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है, जबकि किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी हल्का हिमपात दर्ज किया गया है। बर्फबारी के बाद पहाड़ी इलाकों में ठंड अचानक बढ़ गई है और कई स्थानों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

लाहुल-स्पीति की स्पीति घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी के साथ ही मौसम पूरी तरह बदल गया है। काजा और इसके आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फ गिरने से पहाड़ों पर सफेद चादर नजर आने लगी है। वहीं किन्नौर जिले के पूह उपमंडल के कुन्नू-चरंग और छितकुल सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी हिमपात हुआ है। मौसम में आए इस बदलाव के कारण सुबह और शाम की ठंड में काफी बढ़ोतरी हुई है।

बर्फबारी का सीधा असर तापमान पर दिखाई दे रहा है। लोसर, काजा, ताबो और कल्पा समेत कई इलाकों के अधिकतम तापमान में 10 से 11 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। अचानक तापमान गिरने से स्थानीय लोगों के साथ ही इन इलाकों में घूमने पहुंचे पर्यटकों को भी कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

लाहुल-स्पीति और किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम बदलने के बाद सर्दी का असर तेज हो गया है। खासकर स्पीति घाटी में हिमपात के कारण ठंडी हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिन के तापमान में बड़ी गिरावट आने के कारण अब गर्म कपड़ों की जरूरत बढ़ गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने के संकेत भी दे दिए हैं।

इस बीच हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही भी बनी हुई है। इन दिनों शिमला से कल्पा, समदो और काजा होते हुए कुंजम पास के रास्ते मनाली पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में पर्यटक यात्रा कर रहे हैं। इनमें पश्चिम बंगाल से आने वाले पर्यटकों की संख्या अधिक बताई जा रही है।

सीजन की पहली बर्फबारी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, लेकिन मौसम में अचानक आए बदलाव ने यात्रा को जोखिम भरा भी बना दिया है। खासकर शिमला से काजा और आगे कुंजम पास होते हुए मनाली की तरफ जाने वाले मार्ग पर मौसम तेजी से बदल सकता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने के बाद सड़क पर फिसलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में वाहन चालकों को यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

फिलहाल हल्के हिमपात के बावजूद वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी हुई है। शिमला से कल्पा, समदो और काजा की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहन चल रहे हैं। हालांकि बर्फबारी के कारण खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की स्थिति अचानक बदलने और तापमान तेजी से गिरने के कारण यात्रा पहले की तुलना में चुनौतीपूर्ण हो गई है।

काजा और स्पीति घाटी हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में शामिल हैं। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता और ऊंचे पहाड़ों का नजारा देखने पहुंचते हैं। अब सीजन की पहली बर्फबारी होने से क्षेत्र का नजारा और भी आकर्षक हो गया है। पहाड़ों पर गिरी बर्फ पर्यटकों को आकर्षित कर रही है, लेकिन इसी के साथ यात्रा के दौरान सतर्कता भी जरूरी हो गई है।

किन्नौर के छितकुल और पूह उपमंडल के ऊंचाई वाले इलाकों में भी हिमपात से मौसम सर्द हो गया है। इन इलाकों में तापमान गिरने के बाद ठंड का असर तेजी से महसूस किया जा रहा है। कल्पा में भी तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम का यह बदलाव सर्दियों की शुरुआत जैसा महसूस होने लगा है।

सबसे अधिक चिंता उन पर्यटकों को लेकर है जो शिमला से किन्नौर और स्पीति होते हुए मनाली तक की यात्रा कर रहे हैं। इस पूरे मार्ग में कई ऐसे हिस्से हैं जहां ऊंचाई अधिक होने के कारण मौसम तेजी से बदलता है। हल्की बर्फबारी के बाद सड़क पर फिसलन बढ़ने से वाहन चलाना मुश्किल हो सकता है। खासकर कुंजम पास की ओर जाने वाले पर्यटकों के लिए मौसम की स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है।

काजा में सीजन की पहली बर्फबारी और किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात के साथ हिमाचल में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। लोसर, काजा, ताबो और कल्पा में अधिकतम तापमान में 10 से 11 डिग्री तक की गिरावट ने ठंड बढ़ा दी है। फिलहाल सड़कों पर यातायात जारी है, लेकिन बदलते मौसम के बीच शिमला से काजा और आगे मनाली की यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए सफर जोखिम भरा हो सकता है।

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